मेरठ-बुलंदशहर: जेवर एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास से पश्चिम यूपी की अर्थव्यवस्था को नई गति

मेरठ-बुलंदशहर: जेवर एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास से पश्चिम यूपी की अर्थव्यवस्था को नई गति

Jewar airport and industrial development

Jewar airport and industrial development

  1. जेवर एयरपोर्ट के लिए ₹750 करोड़, अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति।

  2. पश्चिमी यूपी में एमएसएमई और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान।

  3. मेरठ में खेल विश्वविद्यालय, नमो भारत रेल का विस्तार।

मेरठ। ग्रेटर नोएडा के जेवर में स्थित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी चमकाने में प्रतिभागी बनेगा। इसके साथ ही चूंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश एमएसएमई का गढ़ है, इस लिहाज से इस बजट का बड़ा हिस्सा पश्चिम के भी हाथ लगेगा। केंद्र की तरह ही राज्य सरकार ने भी एमएसएमई पर विशेष फोकस करते हुए बजट में 3822 करोड़ का प्रविधान किया है।

राज्य बजट में जेवर एयरपोर्ट के लिए 750 करोड़ आवंटित करने, रनवे की संख्या दो से बढ़ाकर पांच करने की घोषणा हुई है। यहां से जब पश्चिम उप्र की यात्रा पर बढ़ेंगे तो कुछ ही दूरी पर स्थित खुर्जा और दादरी मिलते हैं। ये वे स्थान हैं, जहां तेज गति से दौड़ने वाली मालगाड़ी के लिए ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर यानी दोनों कारिडोर मिल रहे हैं।

बुलंदशहर वह हिस्सा बनकर उभर रहा है, जहां पर नया औद्योगिक क्षेत्र तैयार किया जाना है और इसी जिले में नोएडा का नया एक्सटेंशन विकसित किया जाना है। औद्योगिक विकास की रफ्तार बढ़े, इसके लिए औद्योगिक आस्थान क्षेत्रों के विकास, संवर्धन के लिए अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इस बार मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हापुड़ जैसे जिलों की झोली भरेगी। पिछले बजट में मेरठ को लगभग 200 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे।

शामली से गोरखपुर तक नया एक्सप्रेसवे बनना है, जिसका सर्वे किया जा रहा है। इन सबको देखें तो पश्चिम उप्र को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड से सीधे जोड़ते हुए आर्थिक प्रगति का नया अध्याय लिखा जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नए नर्व सेंटर के रूप में विकसित हो रहे मेरठ में प्रदेश की पहली ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति के तहत टाउनशिप विकसित की जा रही है।

देश की पहली सेमी हाईस्पीड रीजनल रैपिड रेल यानी नमो भारत को इसी शहर तक पहुंचाया गया। यहीं पर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय विकसित किया जा रहा है। सत्र प्रारंभ हो चुके हैं, 700 करोड़ से कैंपस निर्माण अगस्त तक पूरा होना है। गंगा एक्सप्रेसवे यहीं से शुरू हो रहा है और इसके किनारे बिजौली में भारी उद्योगों के लिए नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। अब इसी एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने का संकल्प फिर दोहराया गया। इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट फंड के तहत मेरठ समेत तीन शहरों के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रविधान है।

गन्ना भुगतान के आंकड़े भुनाने की कोशिश
पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि से किसानों को लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना भुगतान प्राप्त होगा। गन्ना किसानों को साधने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने इसका उल्लेख भी मजबूती से किया। योगी सरकार ने अब तक तीन लाख चार हजार करोड़ से अधिक का भुगतान कराया है।

बजट की बड़ी बातें

  • जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के लिए 750 करोड़ का आवंटन
  • बुलंदशहर में पहली औद्योगिक योजना की घोषणा
  • इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट में मेरठ को मिल सकते 250 करोड़
  • अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हापुड़ को मिलेगा धन